GST को हम जितना अच्छा मान रहे है , वह शायद वास्तव में उतना अच्छा साबित ना हो , क्योंकि :- (१) GST की दर ज़्यादाँ रखी जाएगी – यह २०% या इससे भीअधिक होने की संभावना है । (२) कई राज्य सरकारें Add. Cess लगाने की तय्यारी में है । (३) GST से महँगाई बढ़ना निश्चित है , क्योंकि वे सभी वस्तुएँ , जो किनिम्न एवं मध्यम वर्ग के उपभोग की हे तथा जिन पर अभी VAT की दरें कम है , उन सभी पर GST की अधिक दरें लागू होंगी ।साथ ही सम्पूर्ण व्यापार बिल से होने काभी प्रभाव पढ़ेगा । हालाँकि आरामदायक /विलासिता की वस्तुएँ जेसे कार इत्यादि पर GST की दरें वर्तमान दरों से कम रहेंगी ।
निष्कर्ष :- GST तभी सार्थक हो सकता हे जबकि इसकी दर कम रखी जाए , अन्य कोई Cess/Surcharge इत्यादि न लगाया जावे , Compliance Formalities सीमित हो तथा सरकारका उद्देश्य व्यापार को बढ़ावॉ देना हो । निस्सन्देह , Input Credit के कारण बिना बिल का व्यापार कम होगा ,साथ ही GDP Growth Rate बढ़ने से सरकार का Revenueतो वेसे ही बढ़ेगा ।
सीऐ.राजेन्द्र गोयल
